
राजधानी लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र स्थित बेहटा गांव में अवैध पटाखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना तेज़ था कि फैक्ट्री की छत ढह गई और आसपास के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए।
कहाँ हुआ धमाका और कैसे फैली तबाही?
धमाका कुर्सी रोड के नजदीक बेहटा गांव में हुआ। चश्मदीदों के अनुसार, पहले एक तेज़ आवाज़ आई, फिर धुएं का गुबार और फिर मलबा बिखर गया। 5 लोग मलबे में दब गए, जिन्हें बचाकर अस्पताल ले जाया गया। घायलों में दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
राहत और बचाव कार्य तेज़, प्रशासन मौके पर
DM और SSP समेत प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। दमकल की कई गाड़ियाँ और एनडीआरएफ टीम घटनास्थल पर तैनात हैं।
क्या थी फैक्ट्री वैध? बड़ा सवाल खड़ा
प्रारंभिक रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यह फैक्ट्री अवैध रूप से चलाई जा रही थी। लाइसेंस, फायर सेफ्टी या निर्माण मानकों का कोई पालन नहीं किया गया था। अब सवाल ये उठता है कि इतनी बड़ी अवैध फैक्ट्री प्रशासन की नज़रों से कैसे बची रही?
सीएम योगी ने लिया संज्ञान, दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि:
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घायलों को तत्काल और बेहतर इलाज दिया जाए
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घटनास्थल पर राहत कार्य में तेजी लाई जाए
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अवैध फैक्ट्रियों की तत्काल जांच हो

आख़िर कब थमेगा अवैध पटाखा कारोबार?
हर साल ऐसे हादसे सवाल खड़े करते हैं:
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लाइसेंस रहित फैक्ट्रियाँ कैसे चलती हैं?
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प्रशासनिक चूक कब सुधरेगी?
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त्योहारों के नाम पर कब तक चलेगा यह जुआ?
स्थानीय लोगों की मांग: हो कार्रवाई, नहीं तो आंदोलन
गांव के निवासियों ने कहा कि कई बार उन्होंने इस फैक्ट्री की शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब जब जानें जा चुकी हैं, तो लोग प्रदर्शन की तैयारी में हैं।
लखनऊ का यह ब्लास्ट सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, पूरे सिस्टम के सुरक्षा इंतज़ामों पर सवाल है। अब देखना होगा कि प्रशासन सिर्फ जाँच कर भूल जाता है या वाकई कुछ ठोस कदम उठाए जाते हैं।
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